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Friday, 24 February 2017

विदाई 2

यह कोई बात
नहीं
कि तुम हमारे हो जाओ......
पर परेशान
दिल
कि कहीं जो तुम खो जाओ......
सन्नाटे कभी
डराते हैं
कि इनमें तुम
कोई गीत ढूँढ तो पाओ........
नहीं रोकते हम
कदम तुम्हारे
कि मंजिल से
तुम बस मुझे देख तो पाओ.......
©® Karan KK

A letter to swar by music 54

  Dear swar, मुझे अब भी खटकता है, तेरा नदी के उस पार होना। सांसें बेशक हैं मगर, जिंदगी का यह कैसा अफसाना।। पता नहीं क्यों, लेकिन इन दिनों...