DEAr SWAR,
हर बूंद से लिखे जो लफ्ज़ तो यह कहानी बनी,
आँख बरसती रही कलम जो तेरी दीवानी बनी।
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यह मौसम भी देखो, पता नहीं क्या चाल चल रहा है, अपने अलग अलग रूप से जहाँ को छल रहा है......
हाँ.... इसकी चपेट में अभी मैं खुद भी आ गया हूं, शरीर पर विपरीत प्रभाव पड़ा है, जिस सर्दी की तीक्ष्णता से मेरे कुछ भी फर्क न पड़ा, अभी इसके हल्के से पलटवार ने मेरी हालत खस्ता कर दी....
हाँ... मेरी जान, शरीर जैसे कहीं बंध सा गया है, नाक भी कुछ लाल हो गई है, आँखें भी कुछ खुद को चुभती सी लग रही है....
खैर छोड़ो यह.......
और क्या बात है, आजकल बड़ी खुश नजर आ रही हैं आप?
वैसे खुश तो होना ही चाहिए, पर जब खुश होने की वजह ही कुछ निराली हो तो, कुछ तो सोचना पड़ता है ना...
हाँ..... तो!!! हाँ मुझे मालूम है यार, तुम्हारे मन की भावना को समझ सकता हुँ मैं..... इसलिए मेरे बारे में ज्यादा विचार मत करो...
और सुनो....
जिंदगी आजकल मुझे भी कुछ अच्छे दिन दिखाने पे तुली हुई है, पता नहीं कि यह मेरा भ्रम है या हकीकत?
बस अब जल्दी किसी बात पर विश्वास ही नहीं होता, खैर, समय बतायेगा कि वास्तव में क्या होना है!
और जानती हो ना मैं तो समय को सबसे ज्यादा बलवती मानता हुँ........
अरे हाँ!!!! तुम्हारे उन नृत्य को देखकर मन मंत्रमुग्ध हो गया, क्या कहना!
बस मैं तो एकटक देखता ही रहा, अरे! इतना ही नहीं, मैं तो बैकवार्ड कर कर के बार बार देख रहा था.....
.........
एक बात बतायें,
मैं लिखता हुँ तो वजह सिर्फ इतनी सी है कि तुम मुझे समझ सको, जो तुम्हें कहना चाहता था मिलकर वहीं बातें मैं यहां लिखता हुँ.... और जानकार थोड़ा संतोष हुआ कि आपको भी ये पसंद आने लगी है धीरे धीरे!!
मगर पसंद आने से ज्यादा की आशा है मुझे, कभी इन पर गौर करो....
समझो.......
"मेरी छोटी सी कहानी की नायिका हो तुम,
युँ दर्शक बन कर सिर्फ वाह वाह न किया करो..."
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खैर......
परीक्षा की घड़ी है, हाँ, जिंदगी तो रोज लें ही रही है परीक्षाएं मगर अभी तो स्कूली और कॉलेज की परीक्षाएं शुरू हो गई है, आपको भी आज से इस परीक्षा रूपी युद्ध में लड़ना है, मेरी खुद की भी है कुछ दिन बाद......
मैं अपनी ओर से आपके कान्हा से विनती करता हुँ कि आपको इन परीक्षाओं में उचित सफलता दिलायें,
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हे कृष्ण,
मेरी दुआओं का असर हो तो यह कर देना,
मेरी दोस्त की झोली में खुशियाँ भर देना।।
!!!!!!
Wish you all the best.
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अभी इतना ही, बाकी फिर कभी......
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With love
Yours
Music
©® Jangir Karan KK
02/03/2017____06:30AM
और मैं, मेरी चिंता न कर मैं तो कर्ण हुँ हारकर भी अमर होना जानता हुँ
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Thursday, 2 March 2017
A letter to swar by music 22
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