बादळ आज थु आवज्ये, बरसा दीज्ये रंग।
होळी खेले गोरड़ी, मैं भी खेलूं संग ।।
पिचकारी ले आवज्ये, लाज्ये रंग गुलाल।
मैं तो थारे रंग में, रंगस्यु मारा गाल।।
होली के रंग जांगिड़ करन के संग।
#Happy_Holi
और मैं, मेरी चिंता न कर मैं तो कर्ण हुँ हारकर भी अमर होना जानता हुँ
Dear swar, कई रोज़ हुए मुझे तुम्हारा कोई ख़त नहीं मिला। पहले तो मैं हर सुबह दरवाज़े की आहट पर चौंक जाता था, जैसे डाकिए के हाथों में तुम्हारे...
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