Wednesday, 5 July 2017

बस एक मुलाकात

कहीं तो  कोई बात हो,
जिंदगी से मुलाकात हो....
बेचैन दिल की कराहट बोले,
धड़कन का बस साथ हो....
........
आसपास ही भटकता है,
मन कहां समझता है,
उम्मीद बस यह रखता है,
कभी उसे भी अहसास हो......
.........
सुना पथ है,
आगे झंझावत है,
डरता नहीं मैं हार से,
हाथ में बस तेरा हाथ हो........
..........
किस्मत कोई खेल नहीं,
जब रेखाओं का मेल नहीं,
सुना आंगन तब भी बोलें,
स्वर का कोई साज हो....

©® जांगिड़ करन kk
05_07_2017__6:30AM

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