सावन ने
तो
जैसे आज
धरती को
खुशहाल किया है।
.....
बादलों ने
गरज कर
भूमिपुत्रों का
आव्हान किया है।
.......
बरसती बूंदों ने
सजनी का
चेहरा
क्या कमाल किया है।
........
खेतों पर
बजते
घुंघरूओं ने
जीवन का
आधार दिया है।
...........
भारत बसता है गांवों में
धरा ने फिर
संदेश दिया है।
..........
©® करन जांगिड़ kk
और मैं, मेरी चिंता न कर मैं तो कर्ण हुँ हारकर भी अमर होना जानता हुँ
Saturday, 1 July 2017
सावन आया है
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
A letter to swar by music 54
Dear swar, मुझे अब भी खटकता है, तेरा नदी के उस पार होना। सांसें बेशक हैं मगर, जिंदगी का यह कैसा अफसाना।। पता नहीं क्यों, लेकिन इन दिनों...
-
रोहित 35 वर्षीय प्रोढ़ घर में बिल्कुल अकेला रहता था। मुंबई मेट्रो सिटी में एक ऑफिस का वाईस मैनेजर था रोहित। काम का बोझ और ऊपर से अकेलापन वह ...
-
डियर स्वर, दिन ढल चुका है। शहर की शोरगुल भरी सड़कें अब धीरे-धीरे शांत होने लगी हैं। दिनभर लोगों की आवाजाही, गाड़ियों के हॉर्न और भागती-दौड़त...
-
हर दोपहर जिंदगी जाने कितने ख्वाब बदलती है। ज्यूं सुबह से घटती है परछाई, ख्वाबों की भी किस्मत घटती सी लगती है, दिल में कुछ बैचे...
waah...
ReplyDeleteshaandar..
bahut khoob..,
भारत बसता है गांवों में
धरा ने फिर
संदेश दिया है।
waah...
ReplyDeleteshaandar..
bahut khoob..,
भारत बसता है गांवों में
धरा ने फिर
संदेश दिया है।
बहुत बहुत शुक्रिया जी
ReplyDeleteबढ़िया...नियमित लिखिये
ReplyDeleteहम आपका अभिनन्दन करते हैं. अनंत शुभकामनायें. साधुवाद..
#हिन्दी_ब्लॉगिंग