पत्थरों पर फूल उगाने चला हुँ आज,
यह सुरज भी मुझे जलाने चला है आज!
बादलों की आस है ही नही मेरे दिल में,
मैं 'स्वर' जुनुन का ले निकल पड़ा हुँ आज!!
©®karan dc
और मैं, मेरी चिंता न कर मैं तो कर्ण हुँ हारकर भी अमर होना जानता हुँ
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