Saturday, 15 April 2017

Alone boy 15

देखो
तो जरा
आसमान को
तारे तो
अपनी अपनी
जगह पर है,
मगर यह
चांद
जानें कहां
छुपा बैठा है,
न इसकी
फितरत
मालुम
न ही इसके
मन की व्यथा,
शायद खुद में
किसी
उलझन को....
अरे! ऊधर देखो
पूर्व में
चांद आया
थोड़ा
शरमा रहा,
शायद
इसलिए
लालिमा लिए है,
या
रूठा हुआ हो
शायद,
मगर देखो
तारें
को विश्वास है
कि
चाँद
आयेगा जरूर
अपनी छटा से
रात को
चमकायेगा जरूर...
©® KK
14_04_2017__22:50pm

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