किसी
ख्वाब ने
आस जगाई
उसकी....
इक आवाज से
बंद पलकें
डबडबाई
उसकी....
जानता है वो
कल फिर
सुनसान
रात में
सिर्फ यादें
देगी
उसकी........
मगर फिर भी
जानें क्यों
वो
सुन रहा
बातें
उसकी........
हां
उसे मालुम है
खुद का हश्र तो
शायद
किसी को
खुश
रखने की
आदत हो गई
उसकी....
©® Jangir Karan KK
04/03/2017__19_40PM
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