शुक्रवार, 26 मई 2017

दिल्ली वाली गर्लफ्रेंड

#आया_दिल्ली_वाली_गर्लफ्रेंड_छोड़_छाड़_के....
हां! तकरीबन चार साल पहले यह गाना सुनने में बहुत अच्छा लगता था, और इसका विडियो तब से आज तक है मेरे मोबाइल में, पर साल भर में शायद नहीं सुना है। अब सुनने का मन भी करता। हां, तुम्हारा सबसे पसंदीदा डांसिंग सोंग था और शायद आज भी यही हो, और जब जब मुझे तुम्हें चिढ़ाना होता तो मैं कॉल पर यह गाना बजा दिया करता था और मैं जब इसे सुनता अकेले में तो मुझे युं लगता कि यह गाना मॉडर्न न होकर क्लासिकल टाइप का है, जिसमें नायक ने अपने मन के भावों को अच्छे से उकेरने का प्रयास किया है.....
मगर वक्त की कुछ साजिशों ने मेरे मन और मस्तिष्क के भावों को बदलने पर मजबूर कर दिया और मैं फिर जो सुनने लगा वो थे, "कभी कभी मेरे दिल में", "हम तेरे शहर में आये है मुसाफ़िर की तरह, "आजा रे आजा रे ओ मेरे दिलबर आजा".... हां, यहीं सुनने पर मजबूर था....
मगर आज,
मगर आज एक गांव गया था सुबह ही, वहां मैं बैठा था, टीवी पर बच्चे कार्टून देख रहे थे, बीच में जब विज्ञापन आया तो चैनल बदलते ही गाना चल गया, "दिल्ली वाली गर्लफ्रेंड छोड़ छाड़ के"
पता नहीं किस गति से पर मन झट से चार साल पीछे भाग गया, वो डांस देख रहे थे मगर मैं तुमको....
😘😍😍😍😘😍😍😍
#thank_you_kids
#thank_you_9xm

शनिवार, 6 मई 2017

A letter to swar by music 26

Dear swar,
चंद दिनों की जिंदगी है,
मालुम तुमको भी है,
मालुम हमको भी है,
मगर
जानें क्या हो गया है,
न जानें क्यों,
समय कुछ थम सा
गया लगता है,
खैर,
जो भी हो,
मगर आस अब भी है,
वक्त को
पंख लगेंगे,
जब जिंदगी मेरे
पास होगी........
हां, उम्मीद पे तो दुनिया
कायम है।
।।।।।।।।।।।।।।।।।
तो देखो,
पिछले दिनों की बात है, तुम्हें याद न हो तो मैं बता दूं वो 1 दिसंबर, 2016 था, तुमने कोई गलती की थी, हां, गलती अच्छी थी,और इस गलती के बाद तो तुमने मेरी जिंदगी में फिर से हलचल ही मचा दी थी, हर दिन का हरपल जैसे तेरी जुस्तजु में गुजरता था, मन में कोई तरंग हरदम ही हिलौरें ले रही थी, जिंदगी जैसे जन्नत का अहसास करा रही थी,
तुम्हें याद नहीं है क्या?
दिन के 24 घंटे तुम मुझे बताती थी,
अरे बताओ ना आज कौनसी ड्रेस पहनुँ?
कौनसा गाना सुनुँ?
या
कहो क्या इरादा है?
सब याद है मुझे!!!!
तुम्हारा युँ सीढ़ियों से उतर कर आना,
युँ तिरछी नजरों से देखना,
आज भी आँखों में समाया हुआ है,
एक बात बताओ, यह सब क्या था? मेरी तो समझ से परे थी हर बात, मैं तो बस तुम्हारे ख्यालों​में ही खोया रहा, पता नहीं ही नहीं चला कि वक्त कब हाथ से फिसल गया,
अचानक से तुमने अलविदा कह कर जैसे उस ख्वाब को नींद उड़ाकर तोड़ दिया है,

तुमने जिंदगी के कुछ हसीन सपनों की सैर कराने का इरादा किया था शायद, मगर जाने फिर तुम्हारे दिल ओ दिमाग में क्या सुझा कि वापस चल पड़ी। देखो एक बात मैं तुम्हें हमेशा ही कहता आया हुँ मगर तुम समझती नहीं हो, यह जिंदगी में सिर्फ बाहरी दिखावे में खुश रहना असली खुशी नहीं है, असली खुशी तो तब है ना जब हम मन से खुश रहे।
और तुम.......
हर बार खुद को ही समझ नहीं पाती कि क्या करना है, कभी इधर कभी उधर,
कभी शांत चित्त से सोचकर कोई ठोस निर्णय लो, हां या अपने मन की सुनो......
अगर तब तुम्हें लगे कि मैं तुम्हारे लिए कुछ नहीं हुं तब बेशक तुम मुझे छोड़कर चली जाना...
मैं तुम्हारे इंतज़ार में ही उम्र बिता सकता हूं तब भी.....
।।।
खैर देखो......
तुम जरा बदली नहीं हो, वहीं बदमाशियां वहीं चंचलता,
तुम वही हो जो पहले थी।
मैं अब भी वहीं देखता हूं, झाड़ियों में फुदकता चाँद...
हाँ,
ध्यान रखना....
काँटों का।
.......
#गली_में_आज_चाँद_निकला

जुल्फें ऊलझन में थी
कि बंधी रहे
या खुल के बिखर जायें,
होठों पर कुछ लफ्ज़
नाचते रहे मगर
बाहर आने से थोड़ा
शरमा से रहे थे,
अपनी कलाई का
वो
वहीं अंदाज
लिये
जानें क्या इशारा किये
जाते थे,
कंगन भी खनक
उठा,
जरा आहिस्ते से
हाथ हिलाओ
कि जाग न जाए,
आँखों ने फिर
संसार देखा
आँखों में,
रात को
कोई
ख्वाब में
चाँद
जैसे मुखड़ा लिए
जानें मेरे आँगन में
यह
कौन चला आता है।।।
😍😍😍😍😍😍

@करन kk
5-5-2017__22_00PM

Pic borrowed from Google with due thanks

दिल्ली वाली गर्लफ्रेंड

#आया_दिल्ली_वाली_गर्लफ्रेंड_छोड़_छाड़_के.... हां! तकरीबन चार साल पहले यह गाना सुनने में बहुत अच्छा लगता था, और इसका विडियो तब से आज तक है म...