संदेश

February, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

बोझिल राहें

चित्र
बोझिल सी राहें
गुमसुम सी निगाहें,
संभलकर भी
संभल नहीं पा रहा हुँ मैं।दिल है बेकरार,
सुनता नहीं प्यार,
समझकर भी
समझ नहीं पा रहा हुँ मैं।कहाँ है ऊलझन,
जिंदगी बनी जोगन,
जी कर भी
जी नहीं पा रहा हुँ मैं।समझता नहीं कोई,
फिर भी आँख रोई,
भूलकर भी उन्हें
भूल नहीं पा रहा हुँ मैं।आवाज है सुन्न,
तन्हा है मन,
सुनकर भी 'स्वर'
सुन नहीं पा रहा हुँ मैं।बदलता है जहाँ,
ठहरता है कहाँ,
'करन' तो हुँ मगर
कर्ण नहीं हो पा रहा हुँ मैं।©® जाँगीड़ करन kk
24/02/2016....... 18:30 pm

दलदल सी जमीं

चित्र
बहुत भोला ही रहा है तु क्या मालुम नहीं तुझे।
पीठ पे होता है वार यहाँ क्या मालुम नहीं तुझे।।कैसे तेरी लंबी उम्र की दुआ की है अभी अभी,
वो तेरे कत्ल में शामिल है क्या मालुम नहीं तुझे।कोई लेना देना नहीं है किसी से आदमी को यहाँ,
सब रिश्ते स्वार्थ के लिये है क्या मालुम नहीं तुझे।बैकार के हाथ पैर मारना भी तु बंद कर दे अब,
यह दलदल सी जमीं है क्या मालुम नहीं तुझे।तुने उनसे आँख मिलाने की भी हिम्मत कैसे की,
वो बड़े औहदे वाले लोग है क्या मालुम नहीं तुझे।बस तु अपना 'स्वर' खुद ही गुनगुनाया कर 'करन',
सुनता नहीं कोई दिल से इसे क्या मालुम नहीं तुझे।©® जाँगीड़ करन kk
10/02/2015_7:10 morningफोटो- साभार गुगल

A letter to swar by music 5

चित्र
हैलो स्वर,आज अभी अभी मुझे युँ लगा कि तुमने मुझे याद किया है। लेकिन अगर तुमसे मैं पुछुँगा तो भी तुम साफ साफ इंकार कर दोगी।
और यहीं कहोगी कि यह सब मेरा भ्रम था। लेकिन सच तो यह है कि तुम्हें फुर्सत मिली है हमें याद करने की। तुम्हारे मानने न मानने से यह झुठा साबित नहीं हो सकता।और देखो जो तुमने मेरे सामने सवाल रखा था मैं उसी सवाल में उलझा हुँ। मैनें अपनी तरफ से जो उत्तर दिया था उस पर आज भी कायम हुँ लेकिन यार थोड़ा बहुत तो तुम्हें भी समझना चाहिये ना!!!
पर तु ठहरी नालायक!! तुम्हें जरा सी परवाह नहीं मेरी। कितनी लापरवाह हो तुम।
।।।।।।।
जानती हो आज जब मैं बाहर किसी गाँव से वापस घर लौटकर आया तब बिल्कुल थक गया था।
पता है उस समय तेरी बहुत याद आई। बस दिल में एक ही ख्याल आया कि काश तु यहाँ होती तो कितना अच्छा होता!! तेरी मुस्कुराहट से ही मेरी सारी थकावट छुमंतर हो जाती। और!! तुम्हें मालुम तो है ना तुम और नीतु ही वो शख्स है जिनके एक इशारे पर मेरी थकावट मुझसे कोसों दूर हो जाते हैं, जब तुम दोनों पास हो तो दुनियाँ कितनी हसीन लगती है, लेकिन मेरी किस्मत में न जानें कैसे दिन लिखें है?
तुम दोनों ही पास नहीं …