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A letter to swar by music 9

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Dear swar,
"प्रेम की धुन तुने ऐसी बजाई,
भोली सी राधा को बावरी बनाई।
काहे अब मुँह फेर लीनो कन्हाई,
जरा मेरी भी तो सुन हरजाई।।"
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हाँ तो देखो.....
मैं तुम्हें आज फिर लिखने बैठा हुँ क्योंकि मेरा स्वर तुम हो, वरना मेरे ये लफ़्ज किस काम के। बेशक तुम अभी दूर हो मुझसे मगर एक दिन तुम्हें आना ही है, तुम जानती हो ना कृष्ण और राधा का प्रेम जगत विख्यात है। हर किसी की जबान पर बस राधे कृष्ण, मगर तुम यह जानती हो इस अमर प्रेम की वजह क्या है? हाँ इस अमर प्रेम की वजह है राधा का त्याग, समर्पण और स्वीकारोक्ति!!
हाँ तो... कृष्ण ने राधा को छोड़ दिया और रूक्मण से शादी कर ली थी मगर राधा इंतजार करती रही कि कभी तो मुरारी वापस आयेंगे, कभी तो मेरी सुध लेंगे।
अब यहाँ मैं तुम्हारी राधा हुँ, विरहण राधा, तुम मेरे कृष्ण, जानता हुँ कि तुम्हें रुक्मण और भामा मिल जायेगी, पर मैं अब भी तुम्हारी राह ताकता रहता हुँ, कभी तो तुम बाँसुरी की धुन सुनाने आओगे जरूर...
हाँ मगर एक बात का ख्याल रखना, मैं जादुगर नहीं हुँ, ना ही राधा सी नटखट अदायें, चंचलता आदि है। पर मैं तुम्हें दिल स…

ख्वाब निराले

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जिंदगी कुछ तेरे कुछ मेरे ख्वाब निराले,
जब लिखे वक्त ने अंधेरे तो कहाँ उजाले।वो पल ज्यादा ही अजीब रहा होगा शायद,
कोई होले से बोला था मुझसे दिल लगा ले।जब से  चुराई नींद मेरी  इक चिड़िया ने,
चाँद रोज कहता है कुछ तो नजर हटा ले।कब होश रहता है ऐसे हालातों में जब,
वक्त के पाँव दबाते पड़ हो हाथों में छाले।रहता क्यों तु हरदम ही गुमसुम सा करन,
कभी  तो किसी बच्चे सा  खिलखिला लें।
©® जाँगीड़ kk
24_08_2016____09:00AM

इस जंगल में हम तीन शेर

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#इस_जंगल_में_हम_तीन_शेर
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21-08-2016.....
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जैसे कि उक्त तारीख को मोबाइल में महाशय कोमा में थे, क्योंकि बारिश की चपेट में आ गये थे,इसको वेंटिलेटर पर रखा,
मौसम तो वहीं था धीमी धीमी बारिश, मगर इसकी परवाह किये बिना मैं निकल पड़ा संडे का फंडे बनाने........
12 बजे मैं पहुँचा करेड़ा, Narayan ji के पास, मिलकर तय किया कि कहीं जंगल में चलते है। उनका सजेशन था कि भोजाजी के चलते है वहाँ पर जंगल भी है, हम रवाना हुए बारिश में ही बाइक पर, और रास्ते से Dharmesh ji को भी उठा लिया, हाँ बिना पूर्व सूचना के सीधे घर पहुँच कर साथ लिया तो उठाना ही हुआ।
और फिर तीन शेर चल पड़े एक शेर की तलाश में, क्योंकि हम जहाँ जा रहे थे उसके बारे में कहा जाता है कि वहाँ गुफा में शेर रहता है। हमने पहले देव स्थान पर पहुँच कर धोक लगाई और फिर चल पड़े पैदल गुफा की ओर.......
ऊपर से रिमझिम बारिश जारी थी, इस समय बारिश भी बहुत सुहानी लग रही थी, बिल्कुल कच्ची पगडंडी, चारों तरफ घास और पेड़ पौधे।
और तीन जोड़ी आँखें तलाश कर रही थी कुछ, न डर, न कोई चिंता, बस उमंग कि गुफा तक जाना ह…

चाँद मुझको

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चाँद कल रात मुझसे बात पुरानी बताने लगा,
गवाह है वो इश्क का मुझसे यह जताने लगा।मैं तो सोया हुआ था तेरी यादों की चादर लपेटे,
दिखाकर तस्वीर तुम्हारी मुझको जगाने लगा।तुम गये हो जब से जिंदगी से मैं रूठा ही रहा,
कुछ सपने अच्छे दिखाकर मुझको मनाने लगा।तुम चाँद से अपने क्यों न गुफ्तगुँ कर लो,
कहकर के चाँद फिर खुद को घटाने लगा।बातें जो बहकी सुनाता रहा चाँद मुझको,
मन भी मेरा मुझको फिर से हराने लगा।
©® जाँगीड़ kk
17_08_2016__17:00PM

मन के जीते जीत है।

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मन के जीते जीत है!!!
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जी हाँ!! आप सबने भी यह कहावत सुन रखी है, पर क्या कोई वाकई मन को जीत पाया है?
हम देखते है कि यहाँ हर कोई दावा करता है कि उसने मन पर काबु पा लिया है लेकिन क्या वाकई में उनका दावा सही होता है। ऐसा भी नहीं है कि किसी ने यह कारनामा नहीं किया हो, मगर हर एक के दावे को तो सही नहीं माना जा सकता है।
हर कोई तो मन पर काबु नहीं पा सकता है ना,
आइये एक उदाहरण से समझते है.........
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एक बच्चा होता है जिसका मन एक विशेष खिलोने डायनासोर में लग जाता है जो कि उसे बाजार में दिखाई देता है। वो अपने पापा से उस खिलोने की जिद करता है, मगर स्थिति यह है कि उसके पापा उस बच्चे को वो खिलोना नहीं दिलाना चाहते है।
तो वो पिता बच्चे को उसके बजाय दुसरा खिलोना दे देते है, वो बच्चा भी खिलोना पाकर खुश हो जाता है, मगर सोचने लायक स्थिति तो तब बनती है जब कुछ समय बाद वो बच्चा उस खिलोने को फेंक देता है और फिर से उसी डायनासोर वाले खिलोने की जिद करता है, एक बार फिर उसके पापा बाजार से दुसरा खिलोना ले…

जिंदगी क्या है?

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जिंदगी
खिलखिलाती धूप का
मासूम परिंदा...
....
जिंदगी
अलसाई सी बगियाँ का
फूल उनिंदा...
......
जिंदगी
हर हार से बेखबर
होकर है जिंदा....
.......
जिंदगी
मासूम बच्चे का बनाया
रेत का घरौंदा....
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जिंदगी
हर श्वास से पल
जैसे हो चुनिंदा...
.......
जिंदगी
कहीं और ने मिली
बस रहा एक स्वर शौकिंदा...
.......
जिंदगी
कुछ नहीं है बस
दफ़न ख्वाबों की कब्र जिंदा।
©® जाँगीड़ करन kk
02/07/2016__08:20AM