आवाज पर
फ़िदा
जिंदगी को....
बदलते
साल में
सांसों का
लश्कर मुबारक हो......
.........
तन्हा रातों की
जागती आंखों को
ठंड से
कांपती
यादें
मुबारक हो.........
..........
अल सुबह
उनिंदी सी
नजरों को
चेहरा
किताबी मुबारक हो....
.........
बस
केवल
साल बदला है!!!
न तो
पदचिन्ह बदलें है
न ही
नींद
में आती
कदमों की
आहट
बदली है...
जिंदगी के
इस खेल में
फिर
नया साल मुबारक हो.....
©® जांगिड़ करन KK
01__01__2018___19:00PM
और मैं, मेरी चिंता न कर मैं तो कर्ण हुँ हारकर भी अमर होना जानता हुँ
Monday, 1 January 2018
नया साल मुबारक हो 3
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