बुधवार, 26 अगस्त 2015

वहीं मोड़

वो जो मोड़ है ना, उस मोड़ की बात करते है,
मैं रूका था तेरे लिये, उस इंतजार की बात करते है|

तुमने जताई थी अपनी चाहत जिस तरह से,
उस प्यारी सी मासूम चाहत की बात करते है|

जिन जुल्फों के साये ने बचाया था जमाने की धूप से,
लहराती काली जुल्फों की शीतलता की बात करते है|

तुम्हारी इन नीली नीली आँखों का क्या कहना,
झील सी गहरी आँखों में डुबने की बात करते है|

तुम्हारे चेहरे की जो कोमल सी सादगी है,
उस चेहरे की प्यारी सी मुस्कान की बात करते है|

तेरी आवाज में जादु है रुमानियत का सा,
सुन कोकिला तेरे मधुर संगीत की बात करते है|

कोई ख्वाब लिये उस मोड़ पे अभी तक खड़ा है 'करन',
ओ चिड़िया उस ख्वाब को तुझ संग बाँटने की बात करते है||
©® karan dc

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