गुरुवार, 8 अक्तूबर 2015

नर्तकी

#आँखों_देखी

पर्दे के पीछे का सच
..
..
सामने स्टेज पर
देखकर
मेरी हँसी
मेरी लचक
मेरी अदायें
हर कोई
करता है
वाह वाह
पर नहीं जानता
कोई भी
इन अदाओं में
कितना दर्द
कितनी जिल्लत
लेकर चलती हुँ

हाँ पर्दे के पीछे
छेड़ देता है
कोई साथी कलाकार
घूरता है ऐसे
जैसे नौंचने को हो तैयार
डर सा रहता है
हर वक्त जब जाती हुँ किसी
कार्यक्रम में देर रात

पर क्या करूँ पेट की आग है,
बुझानी तो है,
तुम तो दर्शक हो,
चलो देखो तमाशा,
बजाओ ताली,

मेरी तुम चिंता न करो,
मैं तो नर्तकी हुँ

©® करन KK

फोटो- साभार गुगल

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