1. मुझे मालुम है कि स्वर दिल की साफ है,
हो जाये उससे कोई भूल को भी माफ है!
ऐ मेरे दिल जरा सोच के बता कि,
तुझमें अभी जो गुंजी वो स्वर की आवाज है!!
(13-4-2015)
2. वक्त हुआ ज्युँ धुंधला, बदले सब हालात!
पर मेरे दिल में है, स्वर तेरी ही याद!!
(14-4-2015)
3. आज फिर जमीं पर चाँद उतर आया है,
यह दिल चाँद की आगोश में समाया है!
(8-5-2015)
4. ऐ चाँद तेरी फितरत का तो मुझे पता नहीं,
पर तेरी चाँदनी की आगोश में सोना अच्छा लगता है!
जरा मेरे घर की छत पे भी अपनी छटा बिखेर,
कि अब यह आँगन भी तेरे बिन सुना लगता है!!
(29-5-2015)
5. तेरी मोहब्बत का असर मुझपे कुछ युँ हुआ है कि,
हर पल हर लम्हा 'स्वर' तेरे ही गुंजते है मेरे दिल में!
(2-6-2015)
और मैं, मेरी चिंता न कर मैं तो कर्ण हुँ हारकर भी अमर होना जानता हुँ
Tuesday, 7 July 2015
कुुछ शेर
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