शनिवार, 15 अप्रैल 2017

Alone boy 16

Suno.

यह मंदिर
से आ रही
घंटी की
आवाज
जिंदगी के
स्वर को
झंकृत
करती है,
कि दिल में
कोई
हलचल सी
मचती है।
कब सुनाई
देगा
ऐसे ही
तेरे पैरों
से
पायल की
झंकार जो
सुन लुँ
तो दिल
को जैसे
शुकून
मिल जायें,
और
मेरी रातों
की
नींद
भी चैन से
आ जायें,
सुना नहीं तुमने,
कोई तुम्हारी
आहट
के इंतजार में
अब भी
दरवाजे को ताकता है,
हर शाम
युहीं
मंदिर की
घंटी के संग
तेरे ख्याल में
खोया
कोई अब भी.......

©® जाँगीड़ करन KK
15_04_2017__19:20PM

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